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भगवान शिव द्वारा धर्म का वर्णन उसके लक्षणों वर्णन और ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, ब्राह्मण और राज्य का धर्म विषय मे वर्णन | आर्यावर्त इतिहास संस्थान

महाभारत के अनुशासन पर्व मे जब भीष्म पितामह बाणों की शर-शय्या पर थे तब युधिस्थिर महाराज से भगवान शिव के और देवी उमा जी के संवाद को बतलाते है।  हम भगवा…

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वाल्मीकि जी के इतिहास-ग्रन्थ रामायण के अनुसार श्रीराम का वर्णन और उनका लाखों वर्ष पूर्व का रामराज्य कैसा था? राजा दशरथ का राज्य कैसा था? | आर्यावर्त इतिहास संस्थान

राम मंदिर के विषय में बहुत राजनीति हुई। न्यायालयों में यह भी कहा गया कि श्रीराम काल्पनिक हैं। रामजन्मभूमि के लिए अब तक हजारों लोगों ने अपने जीवन की आ…

धर्म का तीसरा लक्षण 'दया': शिव-पार्वती संवाद, पूँजीवाद का पाखण्ड और आज के युग में सबसे दुःखी कौन? | आर्यावर्त इतिहास संस्थान

महाभारत में जब भीष्म पितामह शर-शय्या पर थे, तब राजा युधिष्ठिर को धर्म के विषय में भगवान शिव और देवी पार्वती माता का संवाद सुनाते हैं। एक बात मैं यह क…

क्या आपको लगता है कि विद्यालयों में पढ़ाया गया इतिहास पूर्णतः सत्य है? | आर्यावर्त इतिहास संस्थान

वह भारत जिसे हम आर्यावर्त कहते हैं विश्व का प्राचीनतम ज्ञान केंद्र था। हमारे विमान शास्त्र और रामायण के यंत्र आज के आधुनिक विमानों से भी उन्नत थे, ले…