वाल्मीकि जी के इतिहास-ग्रन्थ रामायण के अनुसार श्रीराम का वर्णन और उनका लाखों वर्ष पूर्व का रामराज्य कैसा था? राजा दशरथ का राज्य कैसा था? | आर्यावर्त इतिहास संस्थान
आर्यावर्त इतिहास
वाल्मीकि जी के इतिहास-ग्रन्थ रामायण के अनुसार श्रीराम का वर्णन और उनका लाखों वर्ष पूर्व का रामराज्य कैसा था? राजा दशरथ का राज्य कैसा था? | आर्यावर्त इतिहास संस्थान
राम मंदिर के विषय में बहुत राजनीति हुई। न्यायालयों में यह भी कहा गया कि श्रीराम काल्पनिक हैं। रामजन्मभूमि के लिए अब तक हजारों लोगों ने अपने जीवन की आहुति दे दी थी। किन्तु धर्मात्माओं और महापुरुषों के लगभग ५०० वर्ष के कठिन परिश्रम और संघर्ष के पश्चात् पुनः राम मंदिर का निर्माण हो गया। परंतु इतना पर्याप्त नहीं है। हमें श्रीराम के गुणों और उनके आदर्शों को भी जनसामान्य में स्थापित करने के प्रयास करने चाहिए। इसीलिए लाखों वर्ष पूर्व श्रीराम और उनके राज्य का इतिहास जानने का प्रयास करेंगे। श्रद्धा, आस्था या विश्वास इतिहास नहीं बनते हैं और इनसे धर्म भी सिद्ध नहीं होता। इतिहास बनता है प्रामाणिक तथ्यों से। सबसे पहले आपको श्रीराम के विषय में बताना चाहूँगा। उनके इतिहास के विषय में प्रामाणिक वही माना जा सकता है जो समकालीन हो। ऐसे महापुरुष थे महर्षि वाल्मीकि जी महाराज। उन्होंने श्रीराम के जीवनकाल में रामायण नामक इतिहास-ग्रंथ लिखा। देवर्षि नारद द्वारा श्रीराम के गुणों के विषय में विशेष जानकारी दिए जाने पर। मेरे पास वाल्मीकि रामायण है, जो गीता प्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित है। मैं केवल उन्हीं के शब्दों को ब…